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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का सख्त रुख, अचानक लापता पति की तलाश में पुलिस को दिए ये बड़े निर्देश

रामप्रसाद लापता मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्देश
रामप्रसाद के लापता होने की याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस को तलाश तेज करने के निर्देश दिए।
बिलासपुर। पति के अचानक लापता होने और अपहरण की आशंका को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। अदालत ने पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए लापता व्यक्ति की तलाश के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

मामला जांजगीर क्षेत्र के रहने वाले रामप्रसाद के अचानक गायब होने से जुड़ा है। उनकी पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पति के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई और अपहरण की आशंका को लेकर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजीव दुबे ने सुनवाई के दौरान मामले से जुड़ी जानकारी कोर्ट के सामने रखी। याचिका में लगाए गए आरोपों और सामने आई परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया।

सुनवाई के दौरान अदालत ने रामप्रसाद की तलाश के लिए तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने पुलिस को उसके मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी जुटाने और कॉल डिटेल रिकॉर्ड हासिल कर अंतिम लोकेशन का पता लगाने को कहा।

अदालत के निर्देश के बाद पुलिस को लापता व्यक्ति की तलाश के साथ उसकी गुमशुदगी से जुड़ी परिस्थितियों की भी जांच करनी होगी। मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड के अलावा उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जांच भी मामले की आगे की कार्रवाई का हिस्सा होगी।

याचिका में रामप्रसाद के लापता होने को लेकर पारिवारिक विवाद से जुड़ी आशंका भी सामने रखी गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रामप्रसाद का भाई रामनारायण अपनी सास की हत्या के आरोप में जेल में बंद है।

याचिका के मुताबिक, रामप्रसाद अपने भाई के मामले में उसकी मदद के लिए लगातार अदालत जा रहे थे और जेल में बंद भाई से मुलाकात भी करते थे। इसी वजह से भाई के ससुराल पक्ष के कुछ लोगों से उनके नाराज होने की बात याचिका में कही गई है।

रामप्रसाद की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उनके पति को भाई के मामले से दूर रहने और उसकी मदद नहीं करने के लिए कथित तौर पर धमकियां दी जा रही थीं। महिला ने आशंका जताई है कि पति के अचानक लापता होने के पीछे उन्हीं लोगों की भूमिका हो सकती है।

हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच होना बाकी है। संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। हाईकोर्ट ने भी इस स्तर पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया है।

अब पुलिस के सामने रामप्रसाद की तलाश करने के साथ ही उनके लापता होने की परिस्थितियों की जांच करने की जिम्मेदारी है। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

मामले की आगे की कार्रवाई में यह स्पष्ट हो सकेगा कि रामप्रसाद के लापता होने की वास्तविक वजह क्या है और क्या इस घटना में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है। फिलहाल हाईकोर्ट का जोर लापता व्यक्ति को तलाशने और जांच को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने पर है।

CG Janvani Team

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