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| जन्माष्टमी पर 4 सितंबर को छत्तीसगढ़ में Dry Day रहेगा। |
यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निर्णय के पीछे जन्माष्टमी की धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और प्रदेशवासियों की जनभावनाओं का सम्मान प्रमुख आधार रहा है।
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| जन्माष्टमी पर 4 सितंबर को छत्तीसगढ़ में Dry Day रहेगा। |
इस फैसले के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विशेष मांग रखी थी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से 4 सितंबर को शराब और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री ने इस मांग को स्वीकार कर लिया।
निर्णय के बाद भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानने वाले यादव समाज में खुशी जताई गई है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी यादव समाज से आते हैं और उन्होंने जन्माष्टमी के अवसर पर समाज की धार्मिक भावनाओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा था।
मंत्री गजेंद्र यादव ने फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सनातन संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनभावनाओं और यादव समाज की श्रद्धा का सम्मान करते हुए 4 सितंबर को शुष्क दिवस घोषित करने और मांस बिक्री बंद रखने का निर्णय सराहनीय है।
इस तरह 4 सितंबर को जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश में शराब बिक्री पर प्रतिबंध के साथ नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशुवध गृह और मांस की दुकानों को बंद रखने का निर्णय लागू रहेगा।
निर्णय के बाद भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानने वाले यादव समाज में खुशी जताई गई है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी यादव समाज से आते हैं और उन्होंने जन्माष्टमी के अवसर पर समाज की धार्मिक भावनाओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा था।
मंत्री गजेंद्र यादव ने फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सनातन संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनभावनाओं और यादव समाज की श्रद्धा का सम्मान करते हुए 4 सितंबर को शुष्क दिवस घोषित करने और मांस बिक्री बंद रखने का निर्णय सराहनीय है।
इस तरह 4 सितंबर को जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश में शराब बिक्री पर प्रतिबंध के साथ नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशुवध गृह और मांस की दुकानों को बंद रखने का निर्णय लागू रहेगा।

