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| भिलाई स्टील प्लांट से 250 टन लोहा चोरी मामले की जांच अब CBI करेगी। |
PMO में की गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्लांट से रोजाना करीब साढ़े तीन लाख रुपये का लोहा चोरी किया जा रहा था। जिला प्रशासन ने इस शिकायत को जांच के लिए BSP प्रबंधन के पास भेजा था, लेकिन करीब आठ महीने बाद भी प्रशासन को रिपोर्ट नहीं मिली है।
इसी बीच पुलिस ने PMO की शिकायत से अलग अपनी जांच करते हुए कथित चोरी के नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, मामले में ट्रांसपोर्टर, पूर्व भाजपा नेता, BSP के GM तथा रायपुर इस्पात से जुड़े MD और प्रबंधक समेत 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। छह आरोपी अब भी फरार बताए गए हैं। पुलिस इस मामले में चालान भी पेश कर चुकी है।
जांच के अनुसार, SMS-3 और मकड़ यार्ड से निकलने वाले वाहनों के रूट कार्ड और गेट पास में कथित तौर पर हेरफेर की जाती थी। VTS सिस्टम में भी छेड़छाड़ किए जाने का आरोप है। पुलिस की जांच के मुताबिक, कुछ वाहनों को सही वजन कराए बिना या गलत एंट्री के जरिए स्क्रैप समेत प्लांट से बाहर निकाला जाता था।
पुलिस के अनुसार, प्लांट से बाहर निकाले गए माल को हथखोज-अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स के गोदाम में उतारा जाता था। यह गोदाम मोहम्मद सलीम के नाम पर पंजीकृत मिला। पुलिस ने एके ट्रेडर्स और अन्य ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए JCB, हाइड्रा और चेन माउंटिंग मशीनों के अलावा लोहे की कटिंग प्लेट, बीम और फ्लू डस्ट की बड़ी मात्रा जब्त की।
पुरानी भिलाई थाने में BSP से बहुमूल्य लोहा, स्क्रैप और फ्लू डस्ट चोरी की शिकायत पर अपराध क्रमांक 277/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस और साइबर सेल की जांच में मुख्य आरोपी संजय सिंह के अपने बेटे अभय सिंह, ट्रांसपोर्टरों, क्रेन ऑपरेटरों और प्लांट के कुछ कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर जुड़े होने की बात सामने आई।
जांच में बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड का भी इस्तेमाल किया गया। पुलिस के मुताबिक, सुपरवाइजर घनश्याम गुप्ता के बैंक खाते में कुछ महीनों के भीतर 2.78 लाख रुपये से अधिक नकद जमा होने की जानकारी मिली। पुलिस इन लेन-देन को भी कथित चोरी के नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।
पुलिस ने संजय सिंह, जिवतेश वर्मा, चितानंद साहू, मीथेन मरकाम, निर्मल सिंह, क्रेन ऑपरेटर मदन साहू और पूर्व भाजपा नेता भास्कर मुदलियार समेत अन्य आरोपियों के मोबाइल नंबरों के Call Detail Records और WhatsApp Calling से जुड़े IPDR डेटा की भी जांच की।
पुलिस का दावा है कि तकनीकी विश्लेषण के दौरान आरोपियों के बीच लगातार संपर्क तथा चोरी के माल के परिवहन और बिक्री से जुड़ी कड़ियां सामने आईं। मामले में अब CBI जांच के बाद PMO में की गई शिकायत में लगाए गए व्यापक चोरी के दावे और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच आगे बढ़ सकती है।
