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| लगातार बारिश के बाद दुर्ग और भिलाई के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। |
दुर्ग जिले में लगातार बारिश का असर शहरी और ग्रामीण इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। दुर्ग और भिलाई के कई निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को घरों से निकलने और रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीण इलाकों में खेतों तक बारिश का पानी पहुंचने से खड़ी फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
दुर्ग के मिल पारा, शंकर नगर, आर्य नगर और अग्रसेन चौक सहित कई इलाकों में सड़कें और बस्तियां पानी से घिर गई हैं। लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को जलभराव के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
मोहन नगर और कोतवाली थाना परिसर में भी बारिश का पानी पहुंच गया। परिसर में पानी भरने से पुलिसकर्मियों को परेशानी हुई। पानी निकालने की कोशिशें जारी हैं। पुराने पुलिस लाइन के ग्राउंड में भी बारिश का पानी जमा हो गया है।
दुर्ग बस स्टैंड के सामने से मेडिकल परिसर तक सड़क पर पानी जमा होने के कारण आवाजाही मुश्किल हुई। वाहन चालकों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा। सिविल लाइन से जेल चौक तक बने डिवाइडर के निचले हिस्से में पानी भरने से ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ।
समृद्धि बाजार के आसपास जलभराव के कारण बाजार पहुंचने वाले लोगों को वाहन पार्क करने में परेशानी हुई। भिलाई निगम क्षेत्र की कई कॉलोनियों में भी पानी भरने की शिकायतें सामने आई हैं।
दीनदयाल कॉलोनी, जुनवानी रोड और वार्ड-1 के लोगों ने वीडियो साझा कर घरों के आसपास पानी जमा होने की जानकारी दी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ घरों में बिजली मीटर के पास पानी पहुंचने से करंट फैलने की शिकायत भी सामने आई है। इससे प्रभावित इलाकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार बारिश का असर दिखाई दे रहा है। कई खेत और खलिहान पानी से भर गए हैं तथा खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं। किसानों को आशंका है कि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने पर फसलों को नुकसान हो सकता है।
दुर्ग नगर पालिक निगम के मुताबिक, लगातार बारिश को देखते हुए निगम अलर्ट मोड पर है। जलनिकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए निगम की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
निगम आयुक्त लीना कोसम ने शुक्रवार को स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता और निगम की टीम के साथ शहर के अलग-अलग क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शिवनाथ नदी विसर्जन स्थल, पुलगांव चौक स्थित सामुदायिक भवन, वार्ड क्रमांक 9, 10 और 11 के शंकर नगर, वार्ड क्रमांक 15 करीडीह और वार्ड क्रमांक 54 पोटियाकला समेत कई प्रमुख क्षेत्रों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने सड़कों, नालियों और जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति देखी। जिन स्थानों पर जलभराव की शिकायतें मिली थीं, वहां मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया। नालियों में पानी के बहाव में रुकावट मिलने पर तल तक सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को जलनिकासी बाधित होने वाले स्थानों पर तत्काल सफाई कर पानी का प्रवाह सुचारु करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम के अनुसार, निरीक्षण के दौरान शहर के प्रमुख हिस्सों में गंभीर जलजमाव की स्थिति नहीं मिली। हालांकि लगातार बारिश को देखते हुए निचले और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जलभराव की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए निगम ने विशेष टीमें और मशीनरी तैयार रखी है। निगम के अनुसार, पानी निकासी के लिए सकर मशीन, जेसीबी समेत अन्य जरूरी उपकरण तैयार हैं। किसी क्षेत्र में पानी जमा होने की सूचना मिलने पर टीम और मशीनरी को मौके पर भेजकर निकासी की कार्रवाई की जा रही है।
नालियों और नालों में बारिश के पानी के बहाव को रोकने वाले कचरे और अन्य अवरोधों को हटाने के लिए भी सफाई कराई जा रही है। निगम की टीमें अलग-अलग वार्डों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस बीच लगातार बारिश के कारण प्रभावित इलाकों के रहवासियों और ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों की परेशानी बनी हुई है।


