बिलासपुर में साइबर ठगी का बड़ा खेल! युवक से 98 हजार, नर्स से 1 लाख की ठगी

बिलासपुर साइबर ठगी के मामलों की सांकेतिक तस्वीर
बिलासपुर में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों की पुलिस जांच जारी है।
बिलासपुर में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों ने ऑनलाइन लेनदेन को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। कोनी थाना क्षेत्र में ग्राम बिरकोना निवासी 33 वर्षीय प्रहलाद बरेठ के बैंक खाते से 98 हजार रुपए बिना उसकी जानकारी के ट्रांसफर हो गए। वहीं, सिरगिट्टी क्षेत्र में एक नर्सिंग स्टाफ को 500 रुपए की ड्रेस की ऑनलाइन डिलीवरी के नाम पर करीब 1 लाख रुपए अलग-अलग खातों में जमा कराने का मामला सामने आया है।

दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोनी पुलिस साइबर सेल की मदद से संबंधित बैंक खातों, आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच कर रही है, जबकि सिरगिट्टी मामले में भी पुलिस संबंधित खातों की जानकारी जुटा रही है।

कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम बिरकोना निवासी प्रहलाद बरेठ ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बैंक अकाउंट बैंक ऑफ बड़ौदा में है। उसके अनुसार 7 अगस्त 2026 को अज्ञात साइबर ठगों ने किसी लिंक या तकनीकी तरीके से उसका मोबाइल फोन हैक कर लिया।

मोबाइल हैक होने के कुछ ही समय बाद उसके बैंक खाते से उसकी जानकारी के बिना 98 हजार रुपए दूसरे खातों में ट्रांसफर हो गए। खाते की जांच करने पर उसे रकम गायब होने की जानकारी मिली। इसके बाद उसने बैंक से ट्रांजक्शन की जानकारी ली और पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

मामले की जांच के दौरान कोनी पुलिस साइबर सेल की सहायता से उन बैंक खातों और तकनीकी विवरणों की पड़ताल कर रही है, जिनसे कथित लेनदेन जुड़ा है। पुलिस संबंधित आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर की भी जांच कर रही है।

दूसरे मामले में सिरगिट्टी क्षेत्र में रहने वाली नर्सिंग स्टाफ ने एक ऑनलाइन साइट से 500 रुपए की ड्रेस का ऑर्डर किया था। ड्रेस की कीमत का 500 रुपए भुगतान करने के बाद भी जब डिलीवरी नहीं हुई तो उसने दिए गए नंबर पर संपर्क किया।

इसके बाद कथित तौर पर डिलीवरी के नाम पर उससे फिर 500 रुपए मांगे गए। रकम देने के बाद आईडी ब्लॉक होने और फर्जी खाते में पैसे जमा करने जैसे अलग-अलग कारण बताकर उससे कई बार रुपए ट्रांसफर कराए गए।

पुलिस के मुताबिक, नर्सिंग स्टाफ ने 22 अगस्त से 31 अगस्त के बीच अलग-अलग खातों में कई बार रुपए ट्रांसफर किए। कुल रकम करीब 1 लाख रुपए बताई गई है। ड्रेस नहीं मिलने और लगातार भुगतान के बावजूद सामान नहीं पहुंचने पर उसे ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद उसने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

इस मामले में पुलिस ने आईटी एक्ट और धोखाधड़ी के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाकर मामले की जांच कर रही है।

दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक मामले में बैंक खाते से रकम ट्रांसफर होने और दूसरे में ऑनलाइन डिलीवरी के नाम पर अलग-अलग भुगतानों की शिकायत सामने आई है।

CG Janvani Team

नमस्कार! मैं CG JanVani का Founder एवं Editor हूँ। हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ की सही, निष्पक्ष और तेज़ खबरें लोगों तक सरल भाषा में पहुँचाना है। हम दुर्ग, भिलाई, रायपुर, बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण खबरें, सरकारी योजनाएँ, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, तकनीक, खेल और जनहित की जानकारी प्रकाशित करते हैं। हमारा प्रयास है कि हर खबर तथ्य आधारित, भरोसेमंद और पाठकों के लिए उपयोगी हो।

Previous Post Next Post

نموذج الاتصال