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| भिलाई नगर में नौकरी लगाने के नाम पर करीब 11 लाख रुपये लेने के मामले में आरोपी गिरफ्तार। |
पुलिस के मुताबिक, भिलाई नगर निवासी लहनेदास मासुलकर ने 25 अगस्त 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उमेश मानिकपुरी ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे करीब 11 लाख रुपये लिए थे।
शिकायत के अनुसार, रकम लेने के बाद नौकरी नहीं लगाई गई और पैसे भी वापस नहीं किए गए। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत से जुड़े तथ्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की।
पुलिस के अनुसार, उमेश मानिकपुरी उस समय हनुमान चौक, एक्सप्रेस कॉलोनी, डिपरापारा रायपुर में रह रहा था। उसे 18 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया और पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया गया।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के लिए न्यायालय से एक दिन का पुलिस रिमांड लिया। रिमांड के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और लेन-देन को लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि आरोपी ने अन्य लोगों को भी नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर उनसे रकम प्राप्त की थी। पुलिस अब इन शिकायतों और आरोपों से जुड़े तथ्यों की अलग-अलग जांच कर रही है।
जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने नौकरी लगाने के नाम पर कितने लोगों से रकम ली और उनके साथ किस तरह का लेन-देन हुआ। इन तथ्यों की पुष्टि के लिए पुलिस की विवेचना जारी है।
नेवई क्षेत्र में दर्ज एक अन्य धोखाधड़ी के मामले से भी आरोपी का संबंध सामने आने की जानकारी पुलिस ने दी है। इस प्रकरण की अलग से विवेचना की जा रही है और पुलिस दोनों मामलों में आरोपी की भूमिका से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को दोबारा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। फिलहाल भिलाई नगर थाने में दर्ज मामले में पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
