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| बांकीमोंगरा बाइक चोरी मामले में पुलिस ने पल्सर RS 200 और एक्टिवा स्कूटी बरामद की। |
| छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बांकीमोंगरा में बाइक चोरी के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा किया है। चोरी की गई पल्सर RS 200 की डुप्लीकेट चाबी बनवाने पहुंचे तीन आरोपियों की गतिविधि पर चाबी बनाने वाले दुकानदार को संदेह हुआ, जिसके बाद उसने डायल 112 के जरिए पुलिस को सूचना दी। |
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई में मुख्य आरोपी मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके साथ शामिल दो नाबालिगों को भी पकड़ा गया है। आरोपियों के पास से चोरी की पल्सर RS 200 और एक्टिवा स्कूटी बरामद की गई है।
मामला 5 सितंबर 2026 की रात का है। कुदरीपारा नंबर-2, मेन रोड बांकीमोंगरा निवासी देव कुमार अहिरवार ने अपनी पल्सर RS 200 को रात करीब 10 बजे दुकान के सामने लॉक करके खड़ा किया था। बाइक का नंबर CG 12 BT 6722 है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है।
अगली सुबह करीब 7 बजे देव कुमार अहिरवार को बाइक वहां नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बांकीमोंगरा थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 172/2026 के तहत BNS की धारा 303(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि चोरी के बाद आरोपी बाइक की डुप्लीकेट चाबी तैयार कराने के लिए टीपी नगर, कोरबा की एक चाबी बनाने वाली दुकान पर पहुंचे थे। उनकी गतिविधियों पर दुकानदार को संदेह हुआ और उसने गोपनीय तरीके से डायल 112 को सूचना दी।
मामले में एक अहम संयोग भी सामने आया। जिस बाइक की चाबी बनवाने आरोपी दुकान पर पहुंचे थे, उसके मालिक का एक रिश्तेदार भी टीपी नगर में डुप्लीकेट चाबी बनाने का काम करता है। दुकानदार की सूचना के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस ने मुखबिर से मिली जानकारी और डायल 112 की सहायता से मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू, पिता विक्रमलाल निषाद, उम्र 19 वर्ष, निवासी भिलाईबाजार, थाना हरदीबाजार को स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दिए गए मेमोरेंडम कथन में मोनेन्द्र ने अपने दो नाबालिग साथियों के साथ वाहन चोरी करने की बात बताई।
उसके बताए अनुसार, CG 12 BT 6722 नंबर की पल्सर RS 200 बांकीमोंगरा से और CG 12 BU 7208 नंबर की एक्टिवा स्कूटी कुसमुंडा क्षेत्र से चोरी की गई थी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन के साथ दोनों चोरी के वाहनों को भी गवाहों की मौजूदगी में जब्त किया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें महंगी बाइक चलाने का शौक था, लेकिन उनके पास इसके लिए पैसे नहीं थे। इसी वजह से उन्होंने वाहन चोरी करने की योजना बनाई।
मामले में पुलिस ने 8 सितंबर 2026 को मोनेन्द्र कुमार को विधिवत गिरफ्तार किया और उसके परिजनों को इसकी सूचना दी। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
वहीं, मामले में शामिल दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड, कोरबा भेजा जा रहा है। इस तरह चोरी की बाइक की डुप्लीकेट चाबी बनवाने की कोशिश आरोपियों के लिए अहम सुराग बन गई और पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मामले में कार्रवाई पूरी की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन के साथ दोनों चोरी के वाहनों को भी गवाहों की मौजूदगी में जब्त किया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें महंगी बाइक चलाने का शौक था, लेकिन उनके पास इसके लिए पैसे नहीं थे। इसी वजह से उन्होंने वाहन चोरी करने की योजना बनाई।
मामले में पुलिस ने 8 सितंबर 2026 को मोनेन्द्र कुमार को विधिवत गिरफ्तार किया और उसके परिजनों को इसकी सूचना दी। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
वहीं, मामले में शामिल दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड, कोरबा भेजा जा रहा है। इस तरह चोरी की बाइक की डुप्लीकेट चाबी बनवाने की कोशिश आरोपियों के लिए अहम सुराग बन गई और पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मामले में कार्रवाई पूरी की।
