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| पेंड्रावन और सेलूद में स्कूल सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। |
पेंड्रावन में छात्रों ने शिक्षकों की कमी और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर प्रदर्शन किया था, जबकि सेलूद में छात्र-छात्राएं उपयोग योग्य शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे। इन दोनों घटनाओं के बाद CJP की ओर से महेंद्र भारद्वाज ने राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम पत्र सौंपकर प्रदेश स्तर पर कार्रवाई की मांग की है।
पेंड्रावन में करीब 400 से 500 छात्रों ने शिक्षकों की कमी और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर करीब 12 घंटे तक प्रदर्शन किया। वहीं, सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय के करीब 200 छात्र-छात्राओं ने शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर दुर्ग-पाटन मार्ग पर चक्काजाम किया था।
CJP ने पत्र के माध्यम से प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है। पार्टी की ओर से इस संबंध में तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं।
पहली मांग में बरसात और स्वच्छ भारत अभियान को ध्यान में रखते हुए 10 दिन के भीतर प्रदेश के सभी स्कूलों का सर्वे कराने की बात कही गई है। जिन स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय और साफ पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है, उनकी सूची सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है।
दूसरी मांग के तहत हर स्कूल में बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाने की बात कही गई है। इनमें पर्याप्त पानी और बिजली की व्यवस्था हो तथा शौचालय हमेशा उपयोग के योग्य बने रहें, इसकी मांग रखी गई है।
सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों में पानी साफ करने की मशीनें लगाने की मांग भी पत्र में शामिल है। CJP ने इसके लिए तत्काल बजट जारी कर काम शुरू कराने की मांग की है।
तीसरी मांग में सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि एक वर्ष के भीतर छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल ऐसा न रहे, जहां बच्चों को साफ शौचालय और सुरक्षित पेयजल की सुविधा उपलब्ध न हो।
पेंड्रावन के स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर दो बार खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया था। छात्रों की मांग थी कि पढ़ाई के लिए स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं।
प्रदर्शन देर रात तक चला और बाद में शिक्षा मंत्री से बातचीत तथा आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिलहाल स्कूल में चार शिक्षक और एक नए प्राचार्य की व्यवस्था की गई है।
इसी दिन सुबह दुर्ग जिले के सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय के करीब 200 छात्र-छात्राएं शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सड़क पर उतर गए थे। छात्रों का कहना था कि स्कूल में पर्याप्त संख्या में उपयोग योग्य शौचालय उपलब्ध नहीं हैं।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पहले स्कूल का गेट बंद किया और बाद में मुख्य सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद यह प्रदर्शन समाप्त हो गया।
कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि पेंड्रावन और सेलूद की घटनाओं को केवल दो स्कूलों तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। पार्टी के अनुसार, प्रदेश के अन्य सरकारी स्कूलों में भी मूलभूत सुविधाओं और शिक्षकों की उपलब्धता की स्थिति की जांच की जरूरत है।
CJP की ओर से महेंद्र भारद्वाज ने कहा कि बच्चों को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए सड़क पर उतरना पड़े, तो यह शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, पेंड्रावन में शिक्षकों की कमी और सेलूद में शौचालय की समस्या सामने आई है, इसलिए केवल सामने आई शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की स्थिति की जांच कराई जानी चाहिए।
CJP ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ साफ पानी, उपयोग योग्य शौचालय और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होना चाहिए। पार्टी ने रक्षाबंधन के मौके पर की गई इस मांग को बच्चों के सम्मान, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया है।

