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| दुर्ग में गरबा विवाद को लेकर विहिप और बजरंग दल ने प्रदर्शन कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और अपनी शिकायत पर FIR दर्ज करने की मांग की। |
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में गरबा कार्यक्रम को लेकर हुए विवाद के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। बुधवार को महाराजा चौक पर संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एसएसपी विजय अग्रवाल का पुतला दहन किया और 14 अक्टूबर की रात पद्मनाभपुर स्थित हॉकी ग्राउंड में हुए विवाद को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठनों ने अपनी शिकायत पर FIR दर्ज करने और मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के राकेश तिवारी ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को जिले के गांवों और प्रखंडों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने पटेल चौक पर चक्काजाम करने और एसएसपी के बंगले के सामने प्रदर्शन करने की भी बात कही। हालांकि, ये आंदोलन से जुड़ी संगठन की घोषणाएं हैं।
महाराजा चौक पर पुतला दहन, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी
प्रदर्शन में कार्यकर्ता पांच पुतले लेकर पहुंचे थे। इनमें से एक पुतले को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक सांकेतिक पुतले को माला पहनाई और तिलक लगाया। संगठन ने इसे हिंदू समाज की आस्था की सुरक्षा से जुड़ा संदेश बताया।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गरबा विवाद में कार्रवाई के तरीके पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि घटना में शामिल दोनों पक्षों के खिलाफ निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए थी।
राकेश तिवारी ने कहा कि संगठन अपनी शिकायत पर FIR दर्ज कराने की मांग कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर गांवों और प्रखंडों में पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद पटेल चौक पर चक्काजाम और एसएसपी बंगले के सामने प्रदर्शन करने की बात भी कही गई। उन्होंने जिले के बाहर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।
गरबा आयोजन को लेकर पहले जताई थी आपत्ति
राकेश तिवारी के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने गरबा कार्यक्रम को लेकर पहले ही आयोजक धीरज बाकलीवाल के सामने अपनी आपत्ति रखी थी। तिवारी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों को बुलाए जाने पर संगठन ने विरोध जताया था।
उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम शुरू होने से करीब 40 मिनट पहले पुलिस को फोन करके स्थिति की जानकारी दी गई थी। तिवारी ने कार्यक्रम में फिल्मी गाने और कथित अश्लील गाने बजाए जाने को लेकर भी आपत्ति जताई।
संगठन का कहना है कि उसकी चिंताएं महिलाओं की सुरक्षा और हिंदू समाज की आस्था से जुड़ी हैं। हालांकि, ये बातें प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से लगाए गए आरोप और दावे हैं।
चोरी, सट्टा और धर्मांतरण के मामलों पर भी उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान राकेश तिवारी ने दुर्ग जिले में चोरी, कबाड़ के कारोबार, सट्टा और अन्य आपराधिक मामलों में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं करती, जबकि हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ जल्दी FIR दर्ज कर ली जाती है।
तिवारी ने मोबाइल पर कुछ लोगों की कथित सूची दिखाते हुए उनके खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की। उन्होंने धर्मांतरण से जुड़ी सभाओं के मामलों में पुलिस के कथित अलग-अलग रवैये पर भी सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान इन आरोपों के समर्थन में किसी स्वतंत्र दस्तावेज को सार्वजनिक किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन दावों को संगठन के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
तिवारी ने स्पष्ट किया कि संगठन की मुख्य मांग एसएसपी का तबादला कराना नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन को जवाबदेह बनाना है। उन्होंने जमीन, तहसील, खाद्य, पुलिस और आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने की बात भी कही।
14 अक्टूबर की रात हॉकी ग्राउंड में कैसे बढ़ा विवाद?
पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के हॉकी ग्राउंड में दुर्ग नव निर्माण समिति की ओर से गरबा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के पोस्टर और फ्री पास की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा होने के बाद कुछ बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आयोजन पर आपत्ति जताई थी।
उपलब्ध घटनाक्रम के अनुसार, 14 अक्टूबर की रात कुछ कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पहुंचे और मंच पर चढ़ गए। इस दौरान गरबा कार्यक्रम में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर भाषण दिया गया। इसी बीच कांग्रेस के दुर्ग शहर जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल और कुछ कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई।
घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में एक युवक धीरज बाकलीवाल को धक्का देते हुए नजर आया। इसके बाद समिति अध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
अब विहिप और बजरंग दल ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपनी शिकायत पर भी FIR दर्ज करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा गरबा विवाद में पुलिस की कार्रवाई और संगठन की शिकायत पर FIR दर्ज करने की मांग है। मामले में लगाए गए आरोपों और पुलिस की जांच से जुड़े तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
