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| रायपुर में कई ट्रैफिक सिग्नल खराब होने के बाद चौराहों पर पुलिसकर्मी ट्रैफिक नियंत्रित कर रहे हैं। |
जानकारी के अनुसार, पिछले करीब 8 माह से सिग्नल और कैमरों का मेंटेनेंस नहीं हो पाने से यह स्थिति बनी है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नलों की टाइमिंग भी प्रभावित हो रही है। कुछ जगह लाल या हरी बत्ती निर्धारित समय के अनुसार बदलने के बजाय लगातार चलती रहने की समस्या सामने आ रही है।
रायपुर ITMS सिस्टम के प्रभावित होने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। पीक ऑवर के दौरान खराब सिग्नलों वाले चौराहों पर जाम की स्थिति बन रही है और वहां ट्रैफिक संचालन के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है।
शहर में 50 स्थानों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं। इनमें 35 जगहों के सिग्नल खराब हैं। वीआईपी तिराहा विधानसभा रोड, कैनाल चौक पंडरी, कपड़ा मार्केट टर्निंग, फायर ब्रिगेड चौक और तेलीबांधा बाजार चौक समेत कई स्थानों पर सिग्नल बंद हैं।
बारिश के दौरान शहर में करीब आधा दर्जन स्थानों पर सिग्नल बंद होने की स्थिति भी बन रही है। ऐसे स्थानों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी सीधे सड़क पर खड़े होकर वाहनों को नियंत्रित कर रहे हैं।
हाईटेक व्यवस्था के बावजूद हाथ से ट्रैफिक संचालन की मौजूदा स्थिति ने शहर को उस दौर की याद दिला दी है, जब चौराहों पर जवानों के इशारों से वाहनों को रोका और आगे बढ़ाया जाता था। रायपुर में 1991 से पहले ट्रैफिक संचालन इसी तरह किया जाता था।
इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी ITMS का संचालन करने वाली एलएंडटी कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों के काम बंद करने से भी सिस्टम का मेंटेनेंस प्रभावित हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भुगतान नहीं होने के कारण मेंटेनेंस कार्य पर असर पड़ा है।
सर्विलांस व्यवस्था भी तकनीकी खराबियों से प्रभावित है। शहर में 142 लोकेशन पर कुल 549 सर्विलांस कैमरे लगाए गए हैं। इनमें 120 कैमरे खराब बताए गए हैं। इसके अलावा 14 से अधिक जगहों पर लगे 56 कैमरों में तकनीकी खराबी की जानकारी सामने आई है।
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए लगाए गए अन्य उपकरणों की स्थिति भी प्रभावित है। जाम, दुर्घटना या आपात स्थिति में वाहन चालकों को दिशा-निर्देश देने के लिए 45 स्थानों पर पीए सिस्टम लगाए गए हैं, लेकिन 16 जगहों पर यह सिस्टम खराब है।
इसी तरह ट्रैफिक संबंधी सूचना और डायवर्जन की जानकारी देने के लिए शहर में 16 स्थानों पर एलईडी वीएमएस बोर्ड लगाए गए हैं। इनमें चार जगहों के बोर्ड खराब बताए गए हैं।
ITMS के संचालन के लिए फंड जारी करने का फैसला करीब डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री की कैबिनेट में किया गया था। फैसले के अनुसार, रायपुर पुलिस की सालभर की चालानी कार्रवाई से मिलने वाली राशि का 50 फीसदी ITMS के संचालन के लिए दिया जाना था।
इस राशि का उपयोग ट्रैफिक मैनेजमेंट और इसके लिए जरूरी संसाधनों की व्यवस्था में किया जाना था। हालांकि, अब तक करीब 8 करोड़ रुपये जारी नहीं किए गए हैं।
फंड जारी कराने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने कहा कि फंड जारी करने के लिए शासन को चिट्ठी भेजी गई है, ताकि सिग्नल और कैमरों का मेंटेनेंस कराया जा सके। उनके अनुसार, तकनीकी दिक्कतों के कारण सिग्नल और कैमरे बंद हो रहे हैं।
