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| रायपुर में जमीन की रकम को लेकर विवाद के बाद ससुर की हत्या के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार |
पुलिस के अनुसार, विवाद के बाद मोहन की हत्या कर उसके शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक वाहन में ले जाया जा रहा था। कथित तौर पर शव को खारुन नदी में फेंकने की तैयारी थी, लेकिन धरसीवां थाना क्षेत्र के परसतराई में गश्त कर रही पुलिस ने संदिग्ध वाहन को देख लिया।
घटना की रात को लेकर उपलब्ध विवरण में 3 सितंबर और 4 सितंबर, 2026 दोनों तारीखों का उल्लेख है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और घटना के विवरण में 4 सितंबर की रात का भी उल्लेख किया गया है, जबकि एक अन्य विवरण में 3 सितंबर की रात को पार्टी के दौरान विवाद होने की बात कही गई है।
बताया गया है कि धरसीवां पुलिस की टीम रात करीब 1:15 बजे परसतराई इलाके में नहर पुलिया के पास पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक टाटा मैजिक आती दिखाई दी। वाहन को रोकने का इशारा करने पर चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय पीछे लेना शुरू कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में चालक ने खुद को रावाभाठा का रहने वाला बताया और वाहन के बुकिंग में चलने की बात कही। उस समय उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था। इसी दौरान बाइक से दो युवक वहां पहुंचे, जिनमें से एक ने खुद को रावाभाठा का जिला अध्यक्ष बताया।
शक बढ़ने पर पुलिस ने मुरेठी रोड की तरफ रास्ता रोकने की कोशिश की।
पुलिस को देखते ही टाटा मैजिक चालक ने वाहन को परसतराई बस्ती की ओर तेज रफ्तार से दौड़ा दिया। पुलिस ने पीछा किया और शीतला मंदिर के पास वाहन रुकने के बाद चालक और उसके साथी अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की तरफ भाग गए।
दोनों को मौके पर पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वे फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने टाटा मैजिक की तलाशी ली। वाहन के अंदर चादर में बंधा एक व्यक्ति मिला, जिसका एक पैर चादर से बाहर दिखाई दे रहा था। चादर खोलने पर पुलिस को एक व्यक्ति का शव मिला।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवाया और पहचान के साथ आरोपियों की तलाश शुरू की। वाहन पर लिखे मोबाइल नंबर की जांच के दौरान पुलिस को संजय उर्फ मोरध्वज चौहान से जुड़ा सुराग मिला, जो रावाभाठा निवासी बताया गया है।
जांच आगे बढ़ने पर मृतक की पहचान पठारीडीह निवासी मोहन निषाद के रूप में हुई। पुलिस ने उसके परिवार और परिचितों से पूछताछ की। इसी दौरान करीब एक करोड़ रुपये की जमीन बेचने से मिली रकम को लेकर मोहन और उसके बड़े दामाद हेमराज के बीच चल रहे विवाद की जानकारी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, पिछले महीने भी दोनों के बीच इसी रकम को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पार्टी के दौरान एक बार फिर दोनों में बहस हुई। पुलिस का कहना है कि शराब के नशे में विवाद बढ़ने पर हेमराज ने जीआई तार से मोहन का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई थी। इसी उद्देश्य से टाटा मैजिक वाहन का इस्तेमाल किया गया और शव को खारुन नदी में फेंकने की तैयारी थी। हालांकि, परसतराई के पास पुलिस की पेट्रोलिंग टीम की नजर वाहन पर पड़ गई।
पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए और बाद में बस से बिलासपुर पहुंचकर रतनपुर में छिपने की बात सामने आई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज की। पुलिस के मुताबिक, दबाव बढ़ने पर मुख्य आरोपी हेमराज निषाद ने सरेंडर किया।
इसके बाद पुलिस ने हेमराज के चाचा रोहित निषाद और उसके दोस्त संजय निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, हत्या की मूल घटना उरला थाना क्षेत्र में हुई थी। इसलिए धरसीवां पुलिस ने तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उरला पुलिस को सौंप दिया है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
दोनों को मौके पर पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वे फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने टाटा मैजिक की तलाशी ली। वाहन के अंदर चादर में बंधा एक व्यक्ति मिला, जिसका एक पैर चादर से बाहर दिखाई दे रहा था। चादर खोलने पर पुलिस को एक व्यक्ति का शव मिला।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवाया और पहचान के साथ आरोपियों की तलाश शुरू की। वाहन पर लिखे मोबाइल नंबर की जांच के दौरान पुलिस को संजय उर्फ मोरध्वज चौहान से जुड़ा सुराग मिला, जो रावाभाठा निवासी बताया गया है।
जांच आगे बढ़ने पर मृतक की पहचान पठारीडीह निवासी मोहन निषाद के रूप में हुई। पुलिस ने उसके परिवार और परिचितों से पूछताछ की। इसी दौरान करीब एक करोड़ रुपये की जमीन बेचने से मिली रकम को लेकर मोहन और उसके बड़े दामाद हेमराज के बीच चल रहे विवाद की जानकारी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, पिछले महीने भी दोनों के बीच इसी रकम को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पार्टी के दौरान एक बार फिर दोनों में बहस हुई। पुलिस का कहना है कि शराब के नशे में विवाद बढ़ने पर हेमराज ने जीआई तार से मोहन का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई थी। इसी उद्देश्य से टाटा मैजिक वाहन का इस्तेमाल किया गया और शव को खारुन नदी में फेंकने की तैयारी थी। हालांकि, परसतराई के पास पुलिस की पेट्रोलिंग टीम की नजर वाहन पर पड़ गई।
पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए और बाद में बस से बिलासपुर पहुंचकर रतनपुर में छिपने की बात सामने आई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज की। पुलिस के मुताबिक, दबाव बढ़ने पर मुख्य आरोपी हेमराज निषाद ने सरेंडर किया।
इसके बाद पुलिस ने हेमराज के चाचा रोहित निषाद और उसके दोस्त संजय निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, हत्या की मूल घटना उरला थाना क्षेत्र में हुई थी। इसलिए धरसीवां पुलिस ने तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उरला पुलिस को सौंप दिया है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
