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| कोरबा रेलवे स्टेशन पर संयुक्त टीम ने आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की। |
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय त्वरित राहत-बचाव, अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल और यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैयारियों को मजबूत करना था। अभ्यास के दौरान संभावित दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली रेस्क्यू प्रक्रिया को मौके पर परखा गया।
अभ्यास में यह देखा गया कि किसी हादसे की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंचाया जाएगा और अलग-अलग बचाव एजेंसियां किस तरह एक-दूसरे के साथ समन्वय करेंगी। आपात स्थिति में इस्तेमाल किए जाने वाले रास्ते, संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां और तत्काल निर्णय लेने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।
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| कोरबा रेलवे स्टेशन पर संयुक्त टीम ने आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की। |
फायर टीम ने आग लगने की शुरुआती स्थिति में उठाए जाने वाले कदम और जरूरी सावधानियों के बारे में जानकारी दी। यात्रियों से ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से बचाव प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की गई।
कार्यक्रम के साथ साइबर जागरूकता अभियान भी चलाया गया। यात्रियों को साइबर अपराध से बचने के तरीकों के बारे में बताया गया और खास तौर पर RailWire तथा RailNet के फ्री Wi-Fi का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
यात्रियों को बताया गया कि सार्वजनिक Wi-Fi का उपयोग करते समय बैंकिंग से जुड़ी जानकारी, UPI विवरण, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह भी दी गई।
संयुक्त मॉक ड्रिल में आरआई अनथ राम पैंकरा, RPF इंस्पेक्टर सतीश कुमार और साइबर थाना प्रभारी ललित चंद्रा सहित पुलिस, रेलवे और सुरक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अभ्यास में 54 पुलिसकर्मी, 10 RPF जवान और 6 फायरमैन शामिल हुए।
इस संयुक्त अभियान के जरिए यात्रियों को आपदा की स्थिति में सुरक्षा उपायों के साथ-साथ डिजिटल लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने का संदेश दिया गया। मॉक ड्रिल के जरिए संबंधित टीमों ने आपात स्थिति में राहत-बचाव और समन्वय की तैयारियों का अभ्यास किया।
कार्यक्रम के साथ साइबर जागरूकता अभियान भी चलाया गया। यात्रियों को साइबर अपराध से बचने के तरीकों के बारे में बताया गया और खास तौर पर RailWire तथा RailNet के फ्री Wi-Fi का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
यात्रियों को बताया गया कि सार्वजनिक Wi-Fi का उपयोग करते समय बैंकिंग से जुड़ी जानकारी, UPI विवरण, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह भी दी गई।
संयुक्त मॉक ड्रिल में आरआई अनथ राम पैंकरा, RPF इंस्पेक्टर सतीश कुमार और साइबर थाना प्रभारी ललित चंद्रा सहित पुलिस, रेलवे और सुरक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अभ्यास में 54 पुलिसकर्मी, 10 RPF जवान और 6 फायरमैन शामिल हुए।
इस संयुक्त अभियान के जरिए यात्रियों को आपदा की स्थिति में सुरक्षा उपायों के साथ-साथ डिजिटल लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने का संदेश दिया गया। मॉक ड्रिल के जरिए संबंधित टीमों ने आपात स्थिति में राहत-बचाव और समन्वय की तैयारियों का अभ्यास किया।

