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| जिले में H1N1 के नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में तैयारियां बढ़ाई हैं। |
नए सामने आए मरीजों में 2 को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 3 मरीजों को घर पर अलग रखकर इलाज किया जा रहा है। फिलहाल जिले में 10 संक्रमित मरीजों का उपचार चल रहा है। इनमें 7 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं और 3 घर पर रहकर डॉक्टरों की निगरानी में इलाज करा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इलाज करा रहे सभी 10 मरीजों की हालत सामान्य है। नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में तैयारियों को और तेज किया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों के लिए अलग उपचार व्यवस्था उपलब्ध रहे।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार 5 अगस्त से शुरू हुआ संक्रमण अब लगातार निगरानी का विषय बना हुआ है। 3 सितंबर को 5 नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।
जिले में मरीजों के लिए 23 अलग वार्ड तैयार किए गए हैं। इन वार्डों में कुल 158 बिस्तर रिजर्व रखे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य जरूरत बढ़ने पर मरीजों को अलग रखकर उपचार उपलब्ध कराने की तैयारी बनाए रखना है।
मामले बढ़ने के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों में बनाए गए वार्डों का निरीक्षण भी किया। टीम ने पाटन, निकुम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बटरेल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मरीजों को अलग रखने की व्यवस्था, उपलब्ध बिस्तरों और इलाज से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की गई। मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्था को लेकर भी जायजा लिया गया।
स्वास्थ्य विभाग संक्रमण को लेकर लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक कर रहा है। H1N1 इन्फ्लुएंजा का एक प्रकार है और खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है।
इस संक्रमण में तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मामलों में बीमारी फेफड़ों तक पहुंचकर गंभीर रूप भी ले सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक खांसते या छींकते समय मुंह ढंकना, हाथ साफ रखना और बीमारी के लक्षण होने पर भीड़ से दूरी बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है। बुखार या सांस से जुड़ी परेशानी होने पर इसे नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार H1N1 अब मौसमी इन्फ्लुएंजा के रूप में भी फैलता है। जिले में बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और अस्पतालों में तैयारियां जारी हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इलाज करा रहे सभी 10 मरीजों की हालत सामान्य है। नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में तैयारियों को और तेज किया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों के लिए अलग उपचार व्यवस्था उपलब्ध रहे।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार 5 अगस्त से शुरू हुआ संक्रमण अब लगातार निगरानी का विषय बना हुआ है। 3 सितंबर को 5 नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।
जिले में मरीजों के लिए 23 अलग वार्ड तैयार किए गए हैं। इन वार्डों में कुल 158 बिस्तर रिजर्व रखे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य जरूरत बढ़ने पर मरीजों को अलग रखकर उपचार उपलब्ध कराने की तैयारी बनाए रखना है।
मामले बढ़ने के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों में बनाए गए वार्डों का निरीक्षण भी किया। टीम ने पाटन, निकुम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बटरेल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मरीजों को अलग रखने की व्यवस्था, उपलब्ध बिस्तरों और इलाज से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की गई। मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्था को लेकर भी जायजा लिया गया।
स्वास्थ्य विभाग संक्रमण को लेकर लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक कर रहा है। H1N1 इन्फ्लुएंजा का एक प्रकार है और खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है।
इस संक्रमण में तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मामलों में बीमारी फेफड़ों तक पहुंचकर गंभीर रूप भी ले सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक खांसते या छींकते समय मुंह ढंकना, हाथ साफ रखना और बीमारी के लक्षण होने पर भीड़ से दूरी बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है। बुखार या सांस से जुड़ी परेशानी होने पर इसे नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार H1N1 अब मौसमी इन्फ्लुएंजा के रूप में भी फैलता है। जिले में बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और अस्पतालों में तैयारियां जारी हैं।
