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| दुर्ग जिले में लगातार बारिश के बीच अगले दो दिनों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी। |
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ दक्षिण ओडिशा तथा उत्तर आंध्रप्रदेश के तटों से लगे क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है।
इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। अगले दो दिनों के दौरान जिले के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ऐसे मौसम में निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्कता जरूरी है।
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून द्रोणिका श्रीगंगानगर, शिवपुरी, दमोह और बिलासपुर होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र तक विस्तारित है। इसके अलावा उत्तर राजस्थान से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ होते हुए कम दबाव के क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक एक अन्य द्रोणिका भी बनी हुई है।
इन दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, जिले में अब तक हुई कुल औसत बारिश अभी भी सामान्य आंकड़े से कम है।
दुर्ग जिले में अब तक कुल औसत 707.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा का आंकड़ा 722.7 मिमी है। इस तरह जिले में अब तक सामान्य से 15.2 मिमी कम बारिश हुई है।
तहसीलवार आंकड़ों में बारिश की स्थिति अलग-अलग है। दुर्ग तहसील में अब तक 836.9 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 834.5 मिमी है। बोरी में 638.5 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 544.0 मिमी है। यानी इन दोनों तहसीलों में बारिश सामान्य से अधिक रही है।
धमधा में अब तक 501.7 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 547.2 मिमी है। पाटन में 933.2 मिमी के मुकाबले सामान्य वर्षा 949.1 मिमी है। वहीं भिलाई-3 में 762.4 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 855.8 मिमी है।
अहिवारा तहसील में अब तक 572.5 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 602.7 मिमी है। इस तरह धमधा, पाटन, भिलाई-3 और अहिवारा में बारिश सामान्य आंकड़े से पीछे है।
