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| छत्तीसगढ़ में H1N1 संक्रमण के नए मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाई। |
नए मामलों में सबसे ज्यादा 12 मरीज रायपुर में मिले हैं। इसके अलावा बिलासपुर में 6 और दुर्ग में 4 नए संक्रमित सामने आए हैं। प्रदेश के अन्य शहरों में भी H1N1 संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं।
कुल 57 एक्टिव मरीजों में 44 अस्पतालों में उपचार ले रहे हैं, जबकि 13 मरीज होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे हैं। लगातार नए मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और जिला स्तर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर निगरानी बढ़ा दी है।
रायपुर और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की विशेष नजर है। जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट रखा गया है तथा दवाओं, जांच की सुविधा और जरूरी चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरी तैयारियां पूरी हैं। उन्होंने लोगों से सर्दी, खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लोगों से संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया जा रहा है।
इसी बीच छत्तीसगढ़ में कोरोना के 4 नए एक्टिव केस सामने आने की जानकारी भी है। H1N1 और कोरोना के नए मामलों के बीच स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर निगरानी बनाए रखना विभाग के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी स्वाइन फ्लू को लेकर अपनी नातिन के संक्रमित होने की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी डेढ़ साल की नातिन को भी स्वाइन फ्लू हुआ था।
सिंहदेव ने कहा कि स्वाइन फ्लू के मामले प्रदेश के कई शहरों से सामने आ रहे हैं। उन्होंने इलाज में सावधानी बरतने की जरूरत बताई और कहा कि मौजूदा स्थिति में इसे पहले की तुलना में कम घातक माना जा रहा है। साथ ही उन्होंने संक्रमण होने पर उपचार और चिकित्सकीय निगरानी में लापरवाही नहीं बरतने की बात कही।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के बीच प्रदेश में H1N1 के एक्टिव मरीजों का उपचार अस्पतालों और होम आइसोलेशन के माध्यम से जारी है।
