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| BSP कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों ने लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। |
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद सेल अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार पंडा के नाम संबोधित मांग पत्र आईआर विभाग को सौंपा गया।
यूनियन की ओर से 39 महीने के लंबित एरियर्स, नए वेज रिवीजन, इंसेंटिव स्कीम में बढ़ोतरी, आवास लाइसेंस और ठेका श्रमिकों के न्यूनतम वेतन सहित कई मुद्दे उठाए गए।
स्टील ठेका श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष और स्टील एम्प्लाइज यूनियन-इंटक भिलाई के महासचिव संजय कुमार साहू ने कहा कि कर्मचारियों का 39 महीने का एरियर्स अभी तक लंबित है। उनके अनुसार यह मामला लंबे समय से अटका हुआ है और इसका जल्द निराकरण किया जाना चाहिए।
यूनियन ने 1 जनवरी 2027 से नए वेज रिवीजन को लागू किए जाने का मुद्दा भी उठाया। संजय साहू के मुताबिक, वेज रिवीजन की प्रक्रिया को लेकर प्रबंधन की ओर से स्पष्ट कदम उठाने की मांग की गई है।
इंसेंटिव स्कीम में बढ़ोतरी की मांग भी प्रदर्शन का हिस्सा रही। यूनियन ने मंथली इंसेंटिव स्कीम को रिवाइज कर कर्मचारियों को हर महीने 10 हजार रुपये देने की मांग रखी है।
आवास से जुड़े मुद्दे पर यूनियन ने 650 वर्गफीट के आवासों को लाइसेंस पर देने और 'सब्जेक्ट टू वेकेशन' व्यवस्था शुरू करने की मांग की है।
ठेका श्रमिकों के न्यूनतम वेतन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन का आरोप है कि नवंबर 2025 से लागू केंद्रीय न्यूनतम वेतन को BSP में लागू नहीं किया गया है। यूनियन ने ठेका श्रमिकों को कम से कम 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान मेडिकल और छंटनी के नाम पर ठेका श्रमिकों को काम से हटाए जाने का भी विरोध किया गया। संजय साहू ने काम कर रहे ठेका श्रमिकों की छंटनी बंद करने की मांग रखी।
यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों और श्रमिकों की समस्याओं का समाधान होने से उनका मनोबल बढ़ेगा। यूनियन ने दावा किया कि इसका उत्पादन, उत्पादकता और लाभार्जन पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
संजय कुमार साहू के अनुसार, फिलहाल प्रदर्शन के जरिए प्रबंधन का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
यूनियन ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल प्रदर्शन के बाद मांग पत्र आईआर विभाग को सौंपा गया है और यूनियन ने लंबित मुद्दों के जल्द निराकरण की मांग की है।
