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| रायपुर में शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 96 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया। |
शंकर नगर निवासी कारोबारी विशाल बरड़िया ने अपनी शिकायत में बताया कि 8 अगस्त को उन्हें एक महिला के नाम से चल रहे मोबाइल नंबर से ‘जीएल 632-एनएएम एलीट कनेक्ट प्लेटफॉर्म’ नाम के WhatsApp Group में जोड़ा गया था। आरोपियों ने इस प्लेटफॉर्म को नुवामा ट्रेडिंग एंड एसेट मैनेजमेंट कंपनी का बताया था। ग्रुप का एडमिन खुद को प्रोफेसर बताता था।
शिकायत के मुताबिक, ग्रुप में रोज दोपहर 2:30 बजे किसी कंपनी के शेयर खरीदने का मैसेज भेजा जाता था। इसके अगले दिन सुबह 9:15 बजे शेयर का भाव बढ़ने पर उन्हें बेचने के निर्देश दिए जाते थे। 12 अगस्त को कारोबारी का ट्रेडिंग रजिस्ट्रेशन हुआ और 13 अगस्त से उन्होंने निवेश करना शुरू किया।
कारोबारी के अनुसार, 3 सितंबर तक उन्होंने करीब 96 लाख रुपए निवेश कर दिए। आरोपियों की ओर से बताए गए ऐप में निवेश की रकम पर मुनाफा जोड़कर करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपए दिखाए जा रहे थे। 28 अगस्त को उन्होंने अपने खाते से 80 लाख रुपए निकालने का अनुरोध किया।
इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर बिना अनुमति एक IPO में 14.40 लाख शेयर खरीदने का दावा किया। इसकी कीमत करीब 3.60 करोड़ रुपए बताई गई। साथ ही कारोबारी के ऐप अकाउंट में दिखाई जा रही करीब 1.89 करोड़ रुपए की रकम को फ्रीज कर दिया गया।
रकम निकालने के लिए आरोपियों ने कारोबारी से कहा कि खाते में 3.60 करोड़ रुपए पूरे करने होंगे। शिकायत के अनुसार, उन्हें इसके लिए 1.50 करोड़ रुपए के लोन का ऑफर भी दिया गया। आरोपियों ने यह भी दावा किया कि बाकी रकम जमा करने के बाद मुनाफा बढ़कर 18.74 करोड़ रुपए हो जाएगा।
इसके बाद कारोबारी को ठगी का शक हुआ। उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और संबंधित बैंक को भी इसकी सूचना दी। पुलिस से आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई करने, संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराने और रकम वापस दिलाने की मांग की गई है।
शिकायत में कारोबारी ने यह भी बताया कि रकम लेने के बाद आरोपियों ने फोन करना बंद कर दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की मांग की गई है।
