![]() |
| रायपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के बीच गेट नंबर-2 बंद कर नए ट्रैफिक रूट का ट्रायल करने की तैयारी। |
रायपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के बीच स्टेशन की यातायात व्यवस्था में एक और बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। सोमवार रात 11 बजे से मुख्य गेट नंबर-2 को बैरिकेडिंग लगाकर बंद करने की तैयारी की गई है। हालांकि इस फैसले को अंतिम रूप शाम को होने वाली बैठक के बाद दिया जाएगा।
रायपुर रेलवे स्टेशन गेट नंबर-2 बंद होने के बाद इस रास्ते से प्लेटफार्म-1 तक यात्रियों की सीधी आवाजाही रुक जाएगी। स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को इसके बाद रेलवे की ओर से तय किए गए वैकल्पिक प्रवेश और निकास मार्गों का इस्तेमाल करना होगा।
नया ट्रैफिक रूट पहले कुछ दिनों तक ट्रायल के रूप में लागू किया जाएगा। रेलवे इस दौरान यातायात व्यवस्था और नए मार्ग की व्यावहारिकता का आकलन करेगा। यदि व्यवस्था सुचारु रही और यातायात में सुधार दिखाई दिया, तो गेट नंबर-2 के आसपास पुनर्विकास से जुड़े तोड़फोड़ और निर्माण कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे।
अब तक गेट नंबर-2 स्टेशन के प्रमुख प्रवेश मार्गों में शामिल रहा है। वाहन से आने वाले यात्री यहां पहुंचकर सीधे उतरने के बाद प्लेटफार्म-1 की ओर जा सकते थे। गेट बंद होने के बाद यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश और बाहर निकलने के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाने होंगे।
नए प्रस्तावित रूट के अनुसार एक्सप्रेस-वे की ओर से स्टेशन आने वाले वाहन केवल VIP गेट तक जा सकेंगे। इसके बाद वाहन चालकों को वापस एक्सप्रेस-वे की दिशा में लौटना होगा या फाफाडीह मार्ग का उपयोग करना होगा।
वहीं, गुरुद्वारा के सामने वाले प्रवेश मार्ग से आने वाले वाहन गेट नंबर-3 तक पहुंच सकेंगे। गेट नंबर-2 बंद होने के बाद स्टेशन के सामने वाहन खड़े करने और पार्किंग व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा।
गेट नंबर-2 के सामने फिलहाल ऑटो खड़े होते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऑटो स्टैंड को पीछे स्थित पुराने कार पार्किंग क्षेत्र में शिफ्ट करने की योजना है। स्टेशन के सामने अन्य स्थानों पर अनधिकृत तरीके से खड़े वाहनों को भी हटाया जाएगा।
इस बदलाव का उद्देश्य स्टेशन के सामने सड़क पर वाहनों का दबाव कम करना और यातायात को अधिक व्यवस्थित रखना है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में स्टेशन के आसपास जाम की स्थिति बनना आम है, ऐसे में नए रूट की सफलता का परीक्षण ट्रायल के दौरान किया जाएगा।
पुनर्विकास योजना के तहत स्टेशन की कुछ व्यवस्थाओं में पहले ही बदलाव किया जा चुका है। टिकट काउंटर को आरक्षण केंद्र वाली इमारत में स्थानांतरित किया जा चुका है। अब गेट नंबर-2 बंद होने की स्थिति में यात्रियों को रेलवे द्वारा निर्धारित नए प्रवेश और निकास मार्गों का उपयोग करना होगा।
स्टेशन की यातायात समस्या को लेकर पिछले एक वर्ष में रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ और यातायात पुलिस के अधिकारियों के बीच करीब छह बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में अलग-अलग यातायात योजनाओं पर चर्चा और सहमति बनी, लेकिन अब तक कोई स्थायी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकी।
अब गेट नंबर-2 बंद कर प्रस्तावित नया ट्रैफिक रूट ट्रायल के तौर पर लागू करने की तैयारी है। ट्रायल के नतीजों के आधार पर रेलवे आगे की व्यवस्था और पुनर्विकास कार्य की दिशा तय करेगा। सोमवार शाम की बैठक के बाद गेट बंद करने के फैसले को अंतिम रूप दिया जाना है।
