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| दुर्ग पुलिस ने अभियान के दौरान 5 लोगों को पकड़ा और 9 चाकू व एक तलवार बरामद करने की जानकारी दी। |
दुर्ग में रक्षाबंधन के दिन हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस ने अपराधियों और संदिग्ध बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सीएसपी आईपीएस हर्षित मेहर के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान एक ही रात में अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर 5 लोगों को पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों में 3 बालिग और 2 विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। तलाशी के दौरान उनके पास से 9 धारदार चाकू और एक तलवार सहित कुल 10 हथियार बरामद किए गए हैं। सभी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
रक्षाबंधन के दिन दुर्ग में हुई चाकूबाजी की घटना में एक व्यक्ति की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के बाद पुलिस ने संदिग्ध बदमाशों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई थी। इसके बाद दुर्ग सब-डिवीजन स्तर पर एक विशेष टीम गठित की गई।
सीएसपी हर्षित मेहर के मुताबिक, इस टीम में एसीसीयू के साथ मोहननगर और कोतवाली थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने पहले चाकूबाजी और अन्य अपराधों में शामिल रहे संदिग्धों की सूची तैयार की।
इसके बाद पुलिस ने उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, पते, सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज से संबंधित जानकारी जुटाई। मुखबिरों से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।
पुलिस ने तीन अलग-अलग टीमों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर दबिश दी और पांच लोगों को पकड़ा। पकड़े गए बालिग आरोपियों में जितेंद्र मरकाम (24), शैलेश देशमुख (22) और जय देशमुख (21) शामिल हैं। तीनों को दुर्ग थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
इनके अलावा दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, सभी के कब्जे से अलग-अलग धारदार हथियार बरामद हुए, जिनमें 9 चाकू और एक तलवार शामिल है।
बाबा धाम से लाए गए थे धारदार हथियार
पुलिस की प्रारंभिक विवेचना में बरामद हथियारों को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सीएसपी हर्षित मेहर के अनुसार, सावन के दौरान आरोपी कांवड़ यात्रा के लिए देवघर स्थित बाबा धाम गए थे।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि वहां से चाकू और अन्य धारदार हथियार लाए गए थे। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक द्वारा बड़ी संख्या में चाकू लाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
जांच में अन्य लोगों को इनमें से चाकू दिए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, हथियारों की खरीद और उनके वितरण से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जांच अभी जारी है।
देवघर से हथियार लाकर बेचने के एंगल की भी जांच
दुर्ग पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या देवघर से धारदार चाकू लाकर उन्हें दुर्ग में अधिक कीमत पर बेचा जा रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बाबा धाम क्षेत्र में धारदार चाकू आसानी से उपलब्ध होने की जानकारी मिली है।
इस मामले को देखते हुए दुर्ग पुलिस देवघर पुलिस के साथ समन्वय कर हथियारों की संभावित बिक्री और आपूर्ति से जुड़ी जानकारी साझा करने की तैयारी कर रही है। पुलिस का उद्देश्य इस तरह के हथियारों की आपूर्ति से जुड़े मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
ऑनलाइन बिक्री की भी हो रही जांच
पुलिस ने ऑनलाइन माध्यम से धारदार हथियारों की बिक्री को लेकर भी निगरानी शुरू कर दी है। सीएसपी हर्षित मेहर के अनुसार, ऑनलाइन माध्यम से आने वाले चाकुओं से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने कहा है कि यदि जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित कंपनियों या विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
अभियान आगे भी जारी रहेगा
दुर्ग पुलिस के अनुसार, हथियार लेकर घूमने वाले और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस पुराने रिकॉर्ड वाले बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग और पेट्रोलिंग भी बढ़ा रही है।
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल किसी बड़ी घटना के बाद कदम उठाना नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले संदिग्ध गतिविधियों और हथियार रखने वाले लोगों पर कार्रवाई करना है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी इसी तरह के सघन अभियान चलाकर संदिग्धों की पहचान और कार्रवाई की जाएगी।
